कब्ज का आयुर्वेदिक इलाज|kabj ka ilaj baba ramdev|kabj ka upchar in hindi|qabz ka ilaj kaise kare

कब्ज का आयुर्वेदिक इलाज|kabj ka ilaj baba ramdev|kabj ka upchar in hindi|qabz ka ilaj kaise kare

कब्ज होना एक बहुत ही आम समस्या है लेकिन कब्ज अगर लम्बे समय तक बनी रहे तो यह एक गंभीर बीमारी का रूप भी ले सकती है. और कब्ज से अन्य दूसरी समस्याएँ भी जन्म लेने लग जाती हैं. तो चलिए आज हम कब्ज का आयुर्वेदिक उपचार जान लेते हैं.

कब्ज का उपचार

सामग्री:

दिव्य अभयारिष्ट – 450 मिली

इसमें से 4 चम्मच औषधि निकालकर उसमें 4 चम्मच गुनगुना पानी मिक्स कर लें और इसे सुबह-शाम खाना खाने के बाद सेवन करें.

इसके साथ में :

दिव्य चित्रकादी वटी         – 40 ग्राम

दिव्य आरोग्यवर्धिनी वटी  – 40 ग्राम

इन दोनों में से 2-2 गोली निकालकर सुबह-शाम खाना खाने के बाद सेवन करें.

इसके इलावा :

दिव्य उदरकल्प या दिव्य चूर्ण – 100 ग्राम

इसमें से एक चम्मच चूर्ण रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ सेवन करें.

मधुमेह के रोगी दिव्य उदरकल्प चूर्ण का प्रयोग न करें. आप दिव्य चूर्ण,दिव्य हरीतकी चूर्ण या फिर दिव्य त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल कर सकते हैं.

बालों को लम्बा कैसे करे|balon ko lamba kaise kare|increase hair growth in hindi

बालों को लम्बा कैसे करे|balon ko lamba kaise kare|increase hair growth in hindi

आज के समय में हर लड़की चाहती है की उसके बाल घने और लम्बे हों लेकिन कई कारणों की वजह से बालों की लम्बाई ज्यादा नहीं बढ़ पाती है. तो आज हम जनागें की आयुर्वेदिक तरीके से बालों की लम्बाई कैसे बढायें. तो चलिए इसका पूरा उपचार जान लेते हैं.

लम्बे बाल करने का तरीका

सामग्री:

काले तिल का चूर्ण        – 100 ग्राम

भृंगराज चूर्ण                 – 100 ग्राम

दिव्य आमलकी रसायन – 200 ग्राम

दिव्य मुक्ताशुक्ति     – 10 ग्राम

दिव्य सप्तामृत लौह      – 20 ग्राम

धात्री लौह            – 10 ग्राम

ये सभी औषधियां आपको किसी भी पतंजलि स्टोर पर आराम से मिल जायेंगी. इन सभी औषधियों को किसी बर्तन आदि में डालकर अच्छे से मिक्स कर लें और 60 पुडिया बनाकर रख लें. आपको इसका सेवन सुबह-शाम खाना खाने से  आधा घंटा पहले पानी, शहद या फिर दूध के साथ करना है. इसके सेवन से बाल लम्बे होते हैं. और इसके साथ में आपको दिव्य केश तेल और पतंजली हेयर क्लींजर का प्रयोग भी लगातार करना है. इससे बालों की लम्बाई बढ़ाने  में विशेष लाभ मिलता है.

यह उपचार अपनाकर आप अपने बालों की लम्बाई आसानी से बढ़ा सकते हैं.

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माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज|migraine ka ilaj baba ramdev|migraine treatment in hindi

माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज|migraine ka ilaj baba ramdev|migraine treatment in hindi

दिमाग की नशों में खून का दौरा बढ़ने से सिर में तेज दर्द होने लगता है जिसे माइग्रेन पेन कहते हैं. माइग्रेन का दर्द आमतौर पर सिर के किसी एक हिस्से में ही होता है और यह दर्द 2 से 72 घंटों तक बना रह सकता है. तो चलिये आज हम माइग्रेन के दर्द का आयुर्वेदिक उपचार जान लेते हैं.

माइग्रेन का उपचार

सामग्री:

दिव्य मेधा क्वाथ – 300 ग्राम

इसमें से 1 चम्मच क्वाथ निकालकर 400मिली पानी में डालकर गैस पर उबालें और जब यह 100मिली बच जाये तो इसे ठंडा होने पर छानकर पि जायें. यह आपको सुबह-शाम खाली पेट ही पीना है. इसके साथ में:

दिव्य प्रवाल पिष्टी – 10 ग्राम

दिव्य गिलोय सत – 10 ग्राम

दिव्य गोदंती भस्म – 10 ग्राम

ये सब औषधियां आपको किसी भी पतंजलि स्टोर पर आराम से मिल जाएँगी. इन सबको किसी बर्तन आदि में डालकर अच्छे से मिक्स कर लें और 60 पुडिया बनाकर रख लें और सुबह-शाम खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी या फिर शहद के साथ सेवन करें. इसके साथ में :

दिव्य मेधावटी – 60 ग्राम

इसमें से 2-2 गोली सुबह-शाम खाना खाने के बाद गुनगुने पानी से सेवन करें.

और यदि रोग बहुत अधिक बढ़ गया है तो एक माह की औषधि में रसराज रस 1-2 ग्राम और 4 ग्राम मुक्तापिष्टी प्रयोग करने से माइग्रेन पेन में विशेष लाभ मिलता है.

तो इस तरह से आप माइग्रेन पेन का इलाज आसानी से कर सकते हैं.

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नकसीर का आयुर्वेदिक इलाज|nakseer ka ilaj baba ramdev|nakseer treatment in hindi|nakseer ka upchar

नकसीर का आयुर्वेदिक इलाज|nakseer ka ilaj baba ramdev|nakseer treatment in hindi|nakseer ka upchar

हम सभी ने नकसीर की समस्या को कभी न कभी फेस किया ही होगा. नकसीर आने के मुख्य कारण हैं नाक में बार-बार ऊँगली डालना, हवा में नमी की मात्रा कम होना और खून में प्लेटलेट्स की कमी होना आदि. तो चलिए आज हम नकसीर का आयुर्वेदिक इलाज जान लेते हैं.

नकसीर की दवा

सामग्री:

दिव्य उशिरासव – 450मिली

इसमें से 4  चम्मच दवाई निकाल लें और इसमें 4 चम्मच ही पानी मिलाकर सुबह-शाम खाना खाने के बाद सेवन करें.

इसके साथ :

दिव्य अविपतिकर चूर्ण – 100 ग्राम

दिव्य गिलोय सत – 20 ग्राम

दिव्य प्रवाल पिष्टी – 10 ग्राम

दिव्य मुक्ताशुक्ति – 10 ग्राम

ये सभी औषधियां आपको किसी भी पतंजलि स्टोर पर आसानी से मिल जायेंगी

इन सभी औषधियों को किसी बर्तन आदि में डालकर अच्छे से मिक्स कर लें और 1-1 चम्मच सुबह-शाम खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी, शहद या फिर मलाई के साथ सेवन करें.

इन सभी औषधियों के साथ आप दूर्वा-स्वरस या फिर पीपलपत्र-स्वरस की 4-4 बूदें नाक में डालें. इससे नकसीर की समस्या में विशेष लाभ मिलता है.

इस तरह से आप नकसीर रोग का इलाज आसानी से कर सकते हैं.

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मोतियाबिंद का आयुर्वेदिक इलाज|motiyabind ka gharelu ilaj in hindi|motiyabind treatment baba ramdev

मोतियाबिंद का आयुर्वेदिक इलाज|motiyabind ka gharelu ilaj in hindi|motiyabind treatment baba ramdev

मोतियाबिंद की समस्या आमतोर पर 70 साल की उम्र के बाद ही ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि उम्र ज्यादा होने पर आखों में लैंस की पारदर्शिता नष्ट होने लगती है. लेकिन कुछ लोगो में यह बीमारी उम्र से पहले भी आ सकती है. तो चलिये आज इसका आयुर्वेदिक उपचार जान लेते हैं.

मोतियाबिंद की दवा

सामग्री:

दिव्य आमलकी रसायन : 200 ग्राम

दिव्य सप्तामृत लौह : 20 ग्राम

दिव्य मुक्ताशुक्ति : 10 ग्राम

ये सभी औषधियां आपको किसी भी पतंजली स्टोर पर आराम से मिल जायेंगी. इन सभी औषधियों को किसी बर्तन आदि में मिलाकर रख लें और सुबह-शाम 1-1 चम्मच खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी या फिर शहद के साथ लें.

और साथ में दिव्य दृष्टि ऑय ड्राप की 1-1 बूंद दोनों आखों में जरुर डालें.

इसके इलावा

दिव्य महात्रिफला घृत – 200 ग्राम

इसमें से 1-1 चम्मच खाना खाने के बाद दूध के साथ सेवन करें.

यह उपचार अपनाकर आप मोतियाबिंद की समस्या से छूटकारा पा सकते हैं.

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हर्निया का इलाज|Hernia ka ilaj baba ramdev|harniya ka ayurvedic ilaj|harniya ka ilaj in hindi

हर्निया का इलाज|Hernia ka ilaj baba ramdev|harniya ka ayurvedic ilaj|harniya ka ilaj in hindi

हर्निया पेट से सम्बंधित बीमारी है जिसमें थैली फटने के बाद पेट की आतें बाहर आने लगती हैं. शुरुआती दौर में इसका इलाज संभव है लेकिन रोग पुराना होने पर इसका इलाज सिर्फ ऑपरेशन के द्वारा ही किया जा सकता है. तो चलिए हर्निया का आयुर्वेदिक इलाज जान लेते हैं.

हर्निया का आयुर्वेदिक इलाज

सामग्री

दिव्य सर्वकल्प क्वाथ – 300 ग्राम

इसमें से 1 चम्मच क्वाथ को 400 ML पानी में डालकर गैस पर उबालें और लगभग 100 ग्राम बचने पर छानकर पि जाएँ. ऐसा आपको सुबह-शाम दोनों टाइम खाली पेट करना है.

इसके इलावा :

दिव्य त्रिकटु चूरन – 25 ग्राम

दिव्य प्रवाल पिष्टी – 10 ग्राम

दिव्य गोदंती भस्म – 10 ग्राम

ये सभी औषधियां आपको किसी भी पतंजलि स्टोर पर आराम से मिल जायेंगी.

इन सभी औषधियों को अच्छे से मिक्स कर लें और इसकी 60 पुडिया बना कर रख लें और सुबह-शाम खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी या फिर शहद के साथ लें.

इनके साथ :

दिव्य कांचनार गुग्गुल  – 60 ग्राम

दिव्य वृद्धिवाधिका वटी – 40 ग्राम

इनमें से भी 2-2 गोली सुबह-शाम खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ लें.

इस उपचार के साथ आपको कपालभाती प्राणायाम भी बहुत धीरे-धीरे करना चाहिये लेकिन ध्यान रहे की प्राणायाम शुरू करने से पहले नाभि के आस-पास कोई कपड़ा या फिर बेल्ट आदि बांध लें.

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मासिक धर्म के रुकने या कम आने का रामबाण इलाज|masik dharm problem baba ramdev|masik dharm ka kam aana

मासिक धर्म के रुकने या कम आने का रामबाण इलाज|masik dharm problem baba ramdev|masik dharm ka kam aana

मासिक धर्म रुकना या फिर कम आना महिलाओं से जुडी एक कॉमन प्रॉब्लम है जो समय के साथ एक गंभीर बीमारी का भी रूप ले लेती है और इससे दूसरी समस्यायें भी जन्म लेने लग जाती हैं. बाबा रामदेव जी ने इसका पक्का इलाज बताया है. तो चलिये यह इलाज जान लेते हैं.

मासिक धर्म के रुकने या कम आने का रामबाण इलाज

सामग्री :

दिव्य दशमूल क्वाथ – 200 ग्राम – इसमें से एक चम्मच दशमूल क्वाथ को  लगभग 400मिली पानी में डालकर गैस पर पकाएं और लगभग 100मिली रहने पर गैस से उतार लें और ठंडा होने पर छानकर पि जायें. ऐसा आपको सुबह-शाम दोनों टाइम करना है. इसके साथ

दिव्य रज:प्रवर्तनी    : 40 ग्राम

दिव्य पुनर्नवादि मंडूर : 40 ग्राम

इनमें से 2-2 गोली सुबह-शाम खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ सेवन करें और साथ में :

दिव्य चंद्रप्रभा वटी     : 40 ग्राम

दिव्य कांचनार गुग्गुल  : 40 ग्राम

दिव्य स्त्री रसायन वटी : 40 ग्राम

इन तीनों में से भी 1-1 गोली सुबह-शाम खाना खाने के बाद गुनगुने पानी से लें.

इनके इलावा :

दिव्य पत्रांगासव   : 450 मिली

दिव्य अशोकारिष्ट : 450 मिली

इन दोनों में से 2-2 चम्मच दवाई निकालकर इसमें 4 चम्मच पानी मिला लें. इसका सेवन आपको सुबह-शाम खाना खाने के बाद करना है.

यह उपचार अपनाकर आप मासिक धर्म में कमी होना, मासिक धर्म का रुक जाना   या फिर मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द आदि का इलाज आसानी से कर सकते हैं.

 

चेहरे पर कील मुंहासे का इलाज|kil muhase dur karne ke upay in hindi|pimples treatment by ramdev baba

चेहरे पर कील मुंहासे का इलाज|kil muhase dur karne ke upay in hindi|pimples treatment by ramdev baba

चेहरे पर कील-मुहासे होना एक आम समस्या है और 15-25 साल की उम्र के बीच तो लगभग सभी को कील-मुहासे निकलते हैं. किसी-किसी को यह ज्यादा स्ट्रेस से या फिर जेनेटिक कारणों की वजह से भी यह प्रॉब्लम होती है. कील-मुहासों के इलाज के लिए बाबा रामदेव जी द्वारा बताये गए कुछ उपाय जान लेते हैं.

कील मुंहासे हटाने के घरेलू नुस्खे

  • किसी भी तरह के पिम्पल्स होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी जरुर पियें. दिन में लगभग 3-4 लीटर पानी जरुर पीना चाहिए.
  • लौकी के जूस में आवले का रस मिलाकर नियमित रूप से सेवन करें.
  • हरी सब्जियों का सेवन भी ज्यादा से ज्यादा करें.
  • गर्म तासीर की चीजों को खाना तुरंत बंद कर दें और ज्यादा नमक या फिर ज्यादा मीठा न खायें.
  • कील-मुहासों के लिए 5-7 नीम के पत्ते सुबह उठकर खाली पेट जरुर खाएं.
  • गिलोय और चिरायता को रात को एक गिलास पानी में भिगो दें और सुबह उठाकर छानकर पि जायें.
  • काया कल्पवटी की 2-2 गोली सुबह-शाम खाली पेट सेवन करें. इससे भी पिम्पल्स की समस्या समाप्त हो जाती है.
  • एलोवेरा जैल चेहरे पर लगायें और एलोवेरा जूस का रेगुलर सेवन करने से भी पिम्पल्स में लाभ होता है.
  • एक चम्मच कायाकल्प क्वाथ को एक गिलास पानी में पकाएं और 50 ग्राम शेष बचने पर छानकर पि जायें.
  • मसूर की दाल के आटे का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से भी पिम्पल्स में लाभ होता है.
  • पका हुआ पपीता और केले का लेप चेहरे पर लगायें. इसके इलावा ताजा खीरे को काटकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं.
  • दिव्य कांति लेप को आप कच्चे दूध, एलोवेरा जैल या फिर शहद के साथ मिलाकर चेहरे पर लगायें. इससे पिम्पल्स में काफी लाभ होता है.
  • जिनको भी कील-मुहासों की प्रॉब्लम है वे नियमित रूप से भस्त्रिका, कपालभाती, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी व उद्गीत प्राणायाम जरुर करें.

सूखी खांसी का इलाज|sukhi khansi ka ilaj baba ramdev|sukhi khansi ka ilaj in hindi

सूखी खांसी का इलाज|sukhi khansi ka ilaj baba ramdev|sukhi khansi ka ilaj in hindi

सुखी खांसी होना एक आम समस्या है और कई बार तो यह कई-कई महीनो तक लगातार चलती रहती जिससे की अन्य रोग होने की संभावना भी बनी रहती है. बाबा रामदेव जी ने सुखी खांसी के लिए पक्का इलाज बताया है. तो चलिए यह उपचार जान लेते है.

सूखी खांसी का उपचार

सामग्री:

दिव्य सितोप्लादी चूर्ण : 50 ग्राम

दिव्य अभ्रक भस्म    : 5 ग्राम

दिव्य टंकण भस्म    : 10 ग्राम

दिव्य गोदंती भस्म    : 5 ग्राम

ये सभी औषधियां आपको किसी भी पतंजलि स्टोर पर मिल जाएँगी. इन सभी औषधियों को अच्छे से मिक्स कर लें और मिक्स करने के बाद 60 पुडिया बनाकर रख लें. इनमें से एक-एक पुडिया सुबह-शाम खाना खाने से आधा घंटा पहले शहद, मलाई या फिर पानी के साथ लें.

इसके इलावा :

दिव्य लक्ष्मीविलास रस : 40 ग्राम

दिव्य त्रिभुवनकीर्ति रस : 40 ग्राम

इन दोनों में से 1-1 गोली सुबह-शाम खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ लें.

इस चिकित्सा को अपनाकर सुखी खासी जड़ से ख़त्म हो जाएगी.

 

मोटापा कैसे बढ़ता है|vajan badhane ke karan|what is the reason of weight gain in hindi

मोटापा कैसे बढ़ता है|vajan badhane ke karan|what is the reason of weight gain in hindi

मोटापा पिछले कुछ सालों में पुरे विश्व के सामने एक बड़ी समस्या बनकर सामने आया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आकड़ों के अनुसार विश्व की कुल आबादी में से 2.3% (35.8 करोड़) लोग अत्यधिक मोटापे से पीड़ित हैं. तो चलिए मोटापा आखिर क्यों होता है इसके बारे में जान लेते हैं.

मोटापा के कारण

  • जंकफ़ूड का अत्यधिक सेवन करना – आजकल लोग जंकफ़ूड खाना ज्यादा पसंद करने लगे हैं जो कि मोटापे के मुख्य कारणों में से एक है. इससे न सिर्फ मोटापा बढ़ता है बल्कि दूसरी अन्य बीमारियाँ होने की सम्भावना भी बनी रहती है.
  • शारीरिक श्रम में कमी – आजकल के समय में माता-पिता के साथ-साथ बच्चे भी कंप्यूटर या फिर मोबाइल पर ही लगे रहते हैं जिसकी वजह से शारीरिक निष्क्रियता बढ़ी है. इससे बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी मोटापे का शिकार हो रहे हैं.
  • एक ही जगह बैठकर कार्य करना – कुछ लोगों का कार्य घुमने-फिरने का नहीं होता वे एक ही स्थान पर बैठकर कार्य करते है जिससे वे शारीरक श्रम बिलकुल ही नहीं कर पाते और जिसकी वजह से वे लोग मोटापे का शिकार होने लग जाते हैं.
  • अत्यधिक तनाव – जिंदगी में कई बार ऐसे हालात आते हैं जिससे लोग ज्यादा तनाव ले लेते हैं और अत्यधिक तनाव लेने से मोटापे में वृद्धि होती है. इसलिए अत्यधिक तनाव लेना भी मोटापे का एक मुख्य कारण है.
  • दवाओं के कारण – कई बार किसी लम्बी बीमारी के चलते दवाओं का अत्यधिक सेवन करना पड़ जाता है जिससे की दवाओं के साइड-इफ़ेक्ट की वजह से मोटापा बढ़ जाता है. इसलिए जहाँ तक हो सके दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें.
  • जेनेटिक वजह – अगर परिवार में से कोई या फिर माता-पिता मोटापे का शिकार है तो मोटापे की प्रॉब्लम बच्चों में भी देखने को मिलती है.

    इसके इलावा मोटापे के कई और भी कारण हो सकते हैं जैसेकि लेटकर खाना, खाना खाने के बाद ना टहलना, खाने के बीच या तुरंत बाद पानी पीना और अत्यधिक सोना आदि भी मोटापे के मुख्य कारणों में से हैं.